Saturday, January 3, 2026

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्किल द नेशन चैलेंज की घोषणा की

 


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्किल द नेशन चैलेंज की घोषणा करते हुए नागरिकों, नीति-निर्माताओं, शिक्षकों, प्रोफेशनल्स और युवाओं से आह्वान किया कि वे स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) पर उपलब्ध एसओएआर (स्किलिंग फॉर एआई रेडिनेस) कोर्स में नामांकन कर भारत के एआई सीखने के अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें। माननीया राष्ट्रपति ने इस पहल को आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स के क्षेत्र में भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं से देश को सशक्त बनाने तथा तकनीकी रूप से सशक्त और समावेशी समाज की दिशा में भारत की यात्रा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।  

इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए, माननीय मंत्री श्री जयन्त चौधरी ने कहा, "भारत का फ्यूचर वर्कफोर्स केवल डिजिटल रूप से जागरूक ही नहीं बल्कि एआई के प्रति आत्मविश्वासी भी होना चाहिए। स्किल द नेशन चैलेंज के माध्यम से हम हर नागरिक को सीखने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं और उन्हें एआई-सक्षम भविष्य के लिए तैयार करना चाहते हैं। एसओएआर केवल एक कौशल विकास कार्यक्रम नहीं है; यह एआई में आत्मविश्वास, क्षमता और जिज्ञासा बनाने का एक राष्ट्रीय मिशन है, ताकि हर शिक्षार्थी चाहे वह कहीं भी हो, इस तकनीक से लाभ प्राप्त कर सके और राष्ट्र की विकास यात्रा में योगदान दे सके।”

उन्होंने आगे कहा कि, “भारत का फ्यूचर वर्कफोर्स केवल डिजिटल रूप से जागरूक ही नहीं बल्कि एआई के प्रति आत्मविश्वासी भी होना चाहिए। मुझे खुशी है कि मैंने व्यक्तिगत रूप से एसओएआर एआई लर्निंग मॉड्यूल पूरा किया, और इसने मेरे विश्वास को और मजबूत किया कि सीखना लीडरशिप से ही शुरू होना चाहिए। मुझे यह कहते हुए अत्यंत संतोष होता है कि मैं अपने सहयोगियों को इस अभियान में शामिल होने के लिए नामांकित कर रहा हूँ, ताकि हम मिलकर हर नागरिक को एआई सीखने के लिए प्रेरित कर सकें और एक सशक्त, फ्यूचर-रेडी भारत की तैयारी कर सकें।”

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय का प्रमुख कार्यक्रम एसओएआर - स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस, जिसे जुलाई 2025 में लॉन्च किया गया था, स्कूली छात्रों, शिक्षकों, वर्किंग प्रोफेशनल्स और आजीवन सीखने वालों के लिए स्ट्रक्चर्ड माइक्रो-क्रेडेंशियल कोर्सों के माध्यम से सभी के लिए सुलभ एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स) शिक्षा को सक्षम बना रहा है।

एआई को सरल, नैतिक, जिम्मेदार और आकांक्षी बनाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया एसओएआर कार्यक्रम, बीते मात्र छह महीनों में ही देशभर में 1.59 लाख से अधिक शिक्षार्थियों तक पहुँच चुका है, जिन्होंने एआई पाठ्यक्रम में नामांकन किया है। इनमें से हजारों शिक्षार्थियों ने सफलतापूर्वक सर्टिफिकेशन पूरा किया है और एआई के प्रति जागरूकता, समझ तथा उसके एप्लीकेशन में आत्मविश्वास हासिल किया है।

एक अच्छा उदाहरण पेश करते हुए भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के राज्य मंत्री तथा शिक्षा राज्य मंत्री माननीय श्री जयन्त चौधरी,ने एसओएआर ‘एआई टू बी अवेयर’ लर्निंग मॉड्यूल को सफलतापूर्वक पूरा किया है, जो आजीवन सीखने और एआई रेडीनेस के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने आगे श्री नारा लोकेश राव, आंध्र प्रदेश सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार, रियल-टाइम गवर्नेंस और मानव संसाधन विकास मंत्री; श्री गौरव द्विवेदी, आईएएस, सीईओ, प्रसार भारती; और श्री नितिन नारंग, अध्यक्ष ऑल-इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ़) को इस चैलेंज को अपनाने के लिए नामांकित किया, जिससे एआई जागरूकता और क्षमता निर्माण के लिए एक राष्ट्रीय स्तर का श्रृंखलाबद्ध अभियान शुरू किया जा सके।

इस अवसर पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के पीएम श्री विद्यालयों, केंद्रीय विद्यालयों तथा जवाहर नवोदय विद्यालयों से चयनित 17 विद्यार्थियों के एक समूह को भारत की माननीया राष्ट्रपति द्वारा एआई कोर्स के सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।

महत्वपूर्ण रूप से, इस पहल को 15 माननीय सांसदों की उत्साहपूर्ण सहभागिता प्राप्त हुई है, जिन्होंने एसओएआर एआई कोर्स मॉड्यूल को सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह भारत की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था के भीतर एआई रेडीनेस को लेकर सशक्त नेतृत्व प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

 

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