Wednesday, January 14, 2026

सत्यकाम विवाद: थाना लोहियानगर की डीजीपी से शिकायत

 


-निजी व्यक्तियों से मिलीभगत के आरोप, यथास्थिति आदेश की अवहेलना

एडवोकेट रामकुमार शर्मा

नित्य संदेश, मेरठ। सत्यकाम ट्रस्ट को लेकर अब शिकायत डीजीपी से की गई है, जिसमें थाना लोहिया नगर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए है। आरोप है कि सिविल न्यायालय के यथास्थिति आदेश की अवहेलना करते हुए निजी व्यक्तियों से मिलीभगत की गई। विद्यालय पर अवैध कब्जा कराने, एक ही घटना-क्रम के संबंध में तीन-तीन झूठे व प्रतिशोधात्मक मुकदमे पंजीकृत किए गए। अवैध गिरफ्तारी का दबाव बनाया गया। विधि व संवैधानिक अधिकारों का दुरुपयोग किया गया।


अनुज कुमार शर्मा पुत्र ईश्वर सिंह शर्मा निवासी 251/4 जाग्रति विहार शास्त्री नगर ने बताया कि थाना लोहिया नगर पुलिस विद्यालय की प्रधानाचार्या को झूठे मुकदमों में फंसाकर गिरफ्तार करने का षड्यंत्र रच रही है। वे सत्यकाम एजुकेशन ट्रस्ट के विधिवत पंजीकृत ट्रस्टी है। ट्रस्ट के अधीन संचालित सीबीएसई संबद्ध विद्यालय में प्रबंधक के पद पर कार्यरत है। ट्रस्ट के अन्य ट्रस्टी गिरीश शर्मा पुत्र दयानन्द शर्मा हैं। ट्रस्ट के प्रबंधन एवं नियंत्रण से संबंधित विवाद सिविल जज (सीनियर डिवीजन) आगरा के न्यायालय में “सत्यकाम एजुकेशन ट्रस्ट बनाम गिरीश कुमार शर्मा” सिविल वाद संख्या 19/2026 के रूप में विचाराधीन है। न्यायालय द्वारा 05 जनवरी 2026 को दोनों पक्षों को ट्रस्ट, विद्यालय एवं संपत्तियों के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का स्पष्ट आदेश पारित किया है, जो आज भी प्रभावी है। आरोप है कि सिविल न्यायालय के आदेश की खुली अवहेलना करते हुए अमित शर्मा, दयानन्द शर्मा एवं राहुल शर्मा द्वारा विद्यालय पर अवैध कब्जा करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।


05 अगस्त 2025 को हुआ पहला मुकदमा

गत 05 अगस्त 2025 को उपरोक्त व्यक्तियों द्वारा विद्यालय परिसर में जबरन घुसपैठ, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी एवं हिंसक आचरण किया गया, जिसके संबंध में विद्यालय की प्रधानाचार्या द्वारा थाना लोहिया नगर में मुकदमा दर्ज कराया गया। एफआईआर से क्षुब्ध एवं प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर उन्हीं तथ्यों, उसी घटना-क्रम, तिथि एवं स्थान को आधार बनाकर उनके विरुद्ध एक और एफआईआर पंजीकृत कराई गई। इस प्रकार एक ही घटना क्रम से संबंधित दोहरे मुकदमे दर्ज कराए गए, जो कानूनन स्पष्ट रूप से अवैध एवं दुर्भावनापूर्ण हैं।


तीन-तीन एफआईआर, घटनाक्रम एक

इतना ही नहीं, उपरोक्त व्यक्तियों द्वारा अपने अवैध उद्देश्य को पूरा करने के लिए एक कदम और आगे बढ़ते हुए थाना लोहिया नगर में तीसरा मुकदमा पंजीकृत कराया गया। तीसरा मुकदमा भी उसी विवाद, उसी विद्यालय, उसी घटना-क्रम एवं उसी पृष्ठभूमि से संबंधित है, किंतु इस बार जानबूझकर अत्यंत गंभीर एवं संगीन धाराएँ जोड़ दी गईं, जिनका उद्देश्य केवल भय उत्पन्न करना एवं तत्काल गिरफ्तारी कराकर विद्यालय पर अवैध कब्जा कराना है।

No comments:

Post a Comment