Friday, September 5, 2025

अब पाठ्यपुस्तक में पढ़ाए जाएंगे अंतरिक्ष में शुभांशु शुक्ला: डॉ. अवनीश

 


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा-2023 एवं नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अन्तर्गत फाउंडेशनल स्टेज पर ही विद्यार्थियों को चित्रकथा के रूप में अंतरिक्ष में शुभांशु शुक्ला पाठ पढ़ने को मिलेगा।


मीडिया से बात करते हुए ब्लूप्रिण्ट एजूकेशन के चेयरमैन नितिन रस्तोगी ने बताया कि 'व्याकरण मेला' सीरीज कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई है। पुस्तकों में रोचक रूप में कुम्भ मेला, ऑपरेशन सिन्दूर, विकसित भारत, एक पेड़ माँ के नाम, भारत की वैज्ञानिक उन्नति आदि विषयों पर चित्र आदि के माध्यम से सामग्री प्रस्तुत की गयी है। बताया कि ब्लूप्रिण्ट एजूकेशन द्वारा प्रकाशित कक्षा एक की पुस्तक 'व्याकरण मेला' में विद्यार्थियों के लिए एनसीईआरटी की ओर से जारी नवीनतम मॉड्यूलों को व्याकरण जैसे कठिन विषय के अंतर्गत अत्यन्त रोचक रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस पुस्तक के लेखक ख्यातिप्राप्त व्याकरणाचार्य एवं शिक्षाविद् डॉ. अवनीश कुमार 'अकेला' हैं।


नई शिक्षा नीति-2020 के अन्तर्गत शासन से निर्देशित लेखन के सभी मानकों व मूल्यों को सम्पूर्ण श्रृंखला में शामिल किया गया है। प्रश्न पूछने का नया तरीका, क्रियाकलाप, व्यावहारिक ज्ञान को पुस्तकों में स्थान दिया गया है। पुस्तकों में दिए गए रंगीन चित्र विद्यार्थियों को पठन-पाठन के लिए आकर्षित करते हैं। नवीन पद्धति के परीक्षा प्रश्न-पत्र, कैप्सूल कोर्स आदि भी पुस्तकों में समाविष्ट किए गए हैं।

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