Friday, February 7, 2025

पुरूष उत्सव मना सकता है, लेकिन घट लेकर नहीं चलता: श्रुत सागर महाराज

 


-अरूणम कॉलोनी में नवनिर्मित जैन मन्दिर का पंचकल्याणक महोत्सव का शुभारंभ हुआ

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। अरूणम कॉलोनी स्थित नवनिर्मित जैन मन्दिर का पंचकल्याणक महोत्सव का शुभारंभ हुआ, जिसमें सर्वप्रथम रिठानी मन्दिर से भगवान की प्रतिमाओं को लाया गया तथा राजस्नेह दिल्ली रोड से बैन्ड बाजो सहित घट यात्रा प्रारम्भ हुई। जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने कलश सिर पर धारण कर वस्त्र-आभूषण, माला व मुकुट पहनकर यात्रा प्रारम्भ की। जिसमें इन्द्र व इन्द्राणियों वस्त्र आभूषण पहनकर भक्ति में डूबकर नृत्य करते हुए चल रहे थे। जिन्हें देखकर लग रहा था, जैसे स्वर्गपुरी अयोध्या यहीं पर आ गयी है।

पाण्डाल में पहुंचने पर सबसे पहले प्रबन्धकारिणी जैन बिरादरी मेरठ के अध्यक्ष सुरेश जैन रितुराज एवं महामंत्री सुरेन्द्र जैन (माला फ्लोर मिल) ने झण्डारोहण किया। जोधपुर से आए परिवार ने मंच का उद्घाटन किया तथा कलश स्थापना योगेश जैन (अरहंत प्रकाशन) ने की। अखंड ज्योति मुख्य पुर्ण्याजक मुकुल जैन, प्रतीक जैन, अविरल जैन, मनोज जैन, अनमोल जैन, नमन जैन सहित समस्त परिवार ने स्थापित की। उसके बाद पूरे भक्तिभाव से पाण्डाल में स्थित वेदी पर भगवान की प्रतिमा को स्थापित किया गया, कार्यक्रम के संयोजक प्रवीन जैन ने पात्रों का परिचय कराया तथा लकी ड्रा भी निकाला गया। आचार्य श्री 108 श्रुत सागर महाराज ने पंचकल्याणक महोत्सव के पहले दिन अपने प्रवचन में घट यात्रा का महत्व बताया। कहा कि घट यात्रा में केवल महिलाएं ही कलश लेकर चलती हैं, क्योंकि केवल माता ही भगवान का अपने गर्भ में धारण करती है और सम्पूर्ण ब्रहमांड में केवल माता ही है, जो स्वयं खाती तो वह उसके गर्भ में पल रहा बच्चा भी खाता है, इसलिए कहा जाता है कि घट-घट में भगवान है। इसलिए पुरूष वर्ग उत्सव मना सकता है, लेकिन घट (कलश) लेकर नहीं चलता है।

कार्यक्रम के प्रैस संयोजक विनीत जैन एडवोकेट, सुनील जैन (प्रवक्ता) ने बताया कि रोज सुबह पूजा अर्चना, पाठ, प्रवचन होंगे। शाम के समय शंका समाधान, आरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ रात्रि में साधु वैय्या वृत्ति भी होगी। इस अवसर पर प्रतीक जैन, राजीव जैन, अनिल दास, वीरेन्द्र जैन, सौरभ जैन, राकेश जैन, राकेश जैन, धीरज, बिजेन्द्र जैन, हर्ष जैन, सुरभि जैन सहित सैकड़ों नर, नारी उपस्थित थे।

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