Tuesday, November 19, 2024

कैंट बोर्ड का करोड़ों दबाए बैठे हैं रेलवे, सेंट्रल एक्साइज व इनकम टैक्स विभाग, निरीक्षण को मेरठ पहुंचें निदेशक एनवी सत्यनारायण

 


अशोक कुमार

नित्य संदेश, मेरठ। बड़े बकायदारों का निरीक्षण करने लखनऊ मध्य कमान निदेशक प्रथम एनवी सत्यनारायण कैंट बोर्ड कार्यालय पहुंचे। निरीक्षण के दौरान कैंट बोर्ड के लगभग बीस करोड़ की बकाया वसूली के साथ-साथ सेवा शुल्क कैसे बढ़ाया जाए इसको लेकर मेरठ छावनी परिषद मुख्य अधिशासी अधिकारी जाकिर हुसैन व छावनी सदस्य डॉ. सतीश शर्मा के साथ बैठक की गई है। बोर्ड का करोड़ों का सर्विस चार्ज न देने एवं नोटिस भेजने के बाद भी अनदेखी करने वाले सबसे बड़े बकायेदारों में पहला रेलवे डिपार्टमेंट, दूसरा इनकम टैक्स और तीसरे बकायेदारों में सेंट्रल एक्साइज के अधिकारियों से संपर्क किया गया। नाराजगी जताते हुए जल्द से जल्द बकाया राशि जमा कराने पर जोर दिया गया है।

यह जानकारी मंगलवार को छावनी परिषद कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए एनवी सत्यनारायण ने दी। बताया कि इन तीनों डिपार्टमेंट पर कैंट बोर्ड का करोड़ों रुपए का बकाया है। कैंट बोर्ड द्वारा नोटिस पर नोटिस भेजे  जाने के बाद भी विभाग तवज्जो नहीं दे रहे है। अब कैंट बोर्ड के पास फंड की काफी कमी है, ऐसे में अधिकारियों ने सख्ती से बकाया जमा कराने की बात कही है। उन्होंने बताया, रेलवे पर सबसे बड़ा बकाया है, जिस पर लगभग 12 करोड़ की राशि काफी समय से बकाया चल रही है, दूसरे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पर तीन करोड़, जीएसटी विभाग पर दो करोड़ व बीएसएनएल विभाग पर 17 लाख रुपए बकाया चल रहा है। जिनसे बातचीत के बाद सभी अधिकारियों ने भुगतान देने का आश्वासन दिया है। इस हिसाब से छावनी परिषद को बकाया धनराशि जल्दी मिलने की सम्भावना है।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए एनवी सत्यनारायण ने बताया कि लगभग 30 से 32 मामले लीज के उनके सामने रखे गए थे, जिस पर सीईओ के साथ बैठकर निस्तारण के लिए निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर कार्यालय अधीक्षक/मीडिया प्रभारी जयपाल सिंह तोमर व राजस्व अधिक्षक राजेश जान मौजूद रहे।

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